Page Nav

HIDE
1 / 3
Caption Text
2 / 3
Caption Two
3 / 3
Caption Three

Grid

GRID_STYLE

Classic Header

{fbt_classic_header}

Header Ad

1 / 3
Caption Text
2 / 3
Caption Two
3 / 3
Caption Three

Breaking News

latest

किसानों ने प्रदर्शन कर रेत खनन पर कार्यवाही कि मांग की

कैराना.... दीपक कुमार.... यमुना नदी का सीना चीर कर चल रहे रेत खनन को लेकर किसानों को हो रही समस्या से किसान बेहद परेशान हैं। किसानों ने प्रद...



कैराना....


दीपक कुमार....







यमुना नदी का सीना चीर कर चल रहे रेत खनन को लेकर किसानों को हो रही समस्या से किसान बेहद परेशान हैं। किसानों ने प्रदर्शन कर रेत खनन पर कार्यवाही की मांग की है। किसानों ने कहा है कि रेत खनन को लेकर उनकी फसल बर्बाद हो रही है। जिसको लेकर उन्हें कई मर्तबा संबंधित अधिकारियों को भी शिकायत की परंतु कोई भी कार्यवाही नहीं हो पाई है।



दरअसल आपको बता दें मामला जनपद शामली के कैराना क्षेत्र के गांव नगलाराई का है। जहां पर खादर के यमुना नदी में खनन माफियाओं द्वारा यमुना का सीना चीर कर भारी मात्रा में रेत निकाला जा रहा है। जिससे किसान व ग्रामीण बेहद परेशान है। जिसको लेकर उन्होंने के मर्तबा संबंधित अधिकारियों को भी शिकायत की परंतु कोई भी कार्यवाही नहीं हो पा रही है। यमुना में चल रहे रेत खनन को लेकर प्रशासन द्वारा परमिशन मिली हुई है। जिसको लेकर नियम अनुसार खनन करने की आज्ञा प्रशासन ने दे रखी है। परंतु सभी नियमों को ताक पर रखकर भारी मात्रा में यमुना का सीना चीर कर रेत निकाला जा रहा है। वहीं किसानों ने खनन माफियाओं पर आरोप लगाते हुए बताया कि रेत खनन के चलते उनकी फसल बर्बाद हो रही है। जिसमें वह पहले ही लॉक डाउन के चलते कर्ज में डूब कर भुखमरी की कगार पर आ रहे है। ऊपर से यमुना में चल रहे रेत खनन के कारण उनकी फसल बर्बाद हो रही है। जिसमें वह भूखमरी के कगार पर आने पर मजबूर है। इस संबंध में किसानों ने कई मर्तबा संबंधित अधिकारियों को शिकायत की परंतु कोई भी कार्यवाही नहीं हो पा रही है। किसानों ने आरोप लगाया कि यमुना नदी के अंदर से मशीन व पॉर्कलेन  जेसीबी मशीनों द्वारा भारी मात्रा में रेत निकाला जा रहा है। जिसमें 10 से 15 फुट गहरे गड्ढे कर कर रेत निकाला जा रहा है। जिसको लेकर आने वाले समय में किसानों व ग्रामीणों को बाढ़ का खतरा बना हुआ है। जिसमें यमुना नदी में पानी आने के बाद कटान शुरू हो जाएगा जिससे यमुना के किनारे लगने वाले सभी छोटे-छोटे किसानों की फसल यमुना के आगोश में समा जाएगी। लॉकडाउन के कारन पहले ही किसानों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। और ऊपर से रेत खनन माफियाओं की मनमानी के आगे उनकी कोई सुनवाई नहीं कर रही है। सिक्कों कि चमक के आगे अधिकारी भी किसानों की सुध नहीं ले रहे हैं। किसानों ने प्रदर्शन करते हुए मांग की है। कि चल रहे रेत खनन पर जल्द से जल्द कार्यवाही की जाये जिससे वह अपनी फसल व अपने आप को भुखमरी की कगार से बचा सके परंतु लाचार और मजबूर किसान खनन माफियाओं व अधिकारियों की मनमानी के आगे कुछ भी कर नहीं पा रहे हैं। किसान खून के आंसू रोने पर मजबूर है वहीं अब सवाल यह उठता है। कि जो देश को रोटी देने वाला किसान हैं। आज वही किसान कुछ खनन माफियाओं की मनमानी के आगे मजबूर-बेबस नजर आ रहा है। प्रदर्शन के दौरन दर्जनों किसान मोजूद रहे।






No comments