Page Nav

HIDE

Grid

GRID_STYLE

Classic Header

{fbt_classic_header}

Breaking News

latest

प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्यों पं राकेश कुमार मिश्रा के अनुसार, किसी भी पूर्ण ग्रहण के शुरू होने से 12 घंटे पहले सूतककाल कहलाता है।

साल 2020 का पहला सूर्य ग्रहण 21 जून को लगने जा रहा है। खास बात ये हैं कि ये वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा जिसमें चंद्रमा सूर्य का करीब 98.8% भाग ...





साल 2020 का पहला सूर्य ग्रहण 21 जून को लगने जा रहा है। खास बात ये हैं कि ये वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा जिसमें चंद्रमा सूर्य का करीब 98.8% भाग ढक देगा। 21 जून यानी कल रविवार को पड़ने वाले ग्रहण का सूतक काल आज रात 09:15 बजे से शुरू हो जाएगा। हिन्दू धर्म में आस्था रखने वाले लोग सूतक काल मानते हैं। इस दौरान पूजा घर और मंदिरों के पट बंद रहते हैं। लोग ग्रहण सूतक काल से पहले ही अपने देवी देवताओं की पूजा करके उनके पट (गेट) बंद कर देते हैं। इसके बाद ग्रहण सूतककाल समाप्त होने पर लोग फिर मंदिर और पूजा घरों को खोलते हैं, मूर्तियों में गंगाजल छिड़कर उन्हें पवित्र करते हैँ और विधिवित पूजा पाठ पहले की तरह शुरू करते हैं। सूर्य ग्रहण का समय 21 जून को सुबह 9:15 बजे ग्रहण शुरू हो जाएगा और 12:10 बजे दोपहर में पूर्ण ग्रहण दिखेगा। इस दौरान कुछ देर के लिए हल्का अंधेरा सा छा जाएगा। इसके बाद 03:04 बजे ग्रहण समाप्त होगा। यानी करीब 6 घंटे का लंबा ग्रहण होगा। लंबे ग्रहण की वजह से पूरी दुनिया में इसकी चर्चा हो रही है। क्या है ग्रहण सूतककाल, कब से लगेगा
प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्यों पं राकेश कुमार मिश्रा के अनुसार, किसी भी पूर्ण ग्रहण के शुरू होने से 12 घंटे पहले और ग्रहण के 12 घंटे बाद का समय ग्रहण सूतककाल कहलाता है। मान्यता है कि इस दौरान मंदिरों में पूजा पाठ या कोई शुभ कार्य नहीं किया जाता। सूतककाल समाप्त होने के बाद ही मंदिर खुलते हैं और लोग पूजा अनुष्ठान शुरू करते हैं। इस ग्रहण का सूतक काल मान्य होगा। जिसकी शुरुआत ग्रहण लगने से ठीक 12 घंटे पहले हो जाएगी।



No comments