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एक महिला सरकारी टीचर दो अन्य जनपदों में भी करती है नौकरी,

रिपोर्ट बृजेश सिंह राठौर बीएसए ने फर्जीवाड़ा पकड़ा मुकदमा दर्ज कराने के लिए आदेश , अनामिका शुक्ला फर्जी अध्यापक का प्रकरण अभी पूर्णता समाप्त...



रिपोर्ट बृजेश सिंह राठौर





बीएसए ने फर्जीवाड़ा पकड़ा मुकदमा दर्ज कराने के लिए आदेश ,



अनामिका शुक्ला फर्जी अध्यापक का प्रकरण अभी पूर्णता समाप्त भी नहीं हुआ था। कि फिरोजाबाद में संध्या द्विवेदी प्रकरण ने शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा दिया। दरअसल अनामिका शुक्ला प्रकरण के बाद सभी कर्मचारियो के प्रमाण पत्र सत्यापित किए जा रहे है। इसी दौरान एक मामला सामने आया जब सामाजिक विषय की जनपद फ़िरोज़ाबाद के एका स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बिद्यालय शिक्षिका संध्या दिवेदी के फर्रुखाबाद व अलीगढ़ में भी नौकरी करने का मामला पकड़ में आ गया।  फर्जीवाड़ा पकड़ में आते ही बीएसए डॉक्टर अरविंद पाठक ने संविदा की शिक्षिका को बर्खास्त कर एफ आई आर दर्ज कराने के आदेश दे दिए हैं।


 दरअसल सरकार द्वारा कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय के पूरे स्टाफ के एजुकेशन व अन्य प्रमाण पत्रों का सत्यापन करने के आदेश स्थानीय बेसिक शिक्षा अधिकारी को दिए थे। लेकिन फ़िरोज़ाबाद के बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉक्टर अरविंद पाठक जब सत्यापन कर रहे थे उसी दौरान फ़िरोज़ाबाद के एका में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में सामाजिक विषय की अध्यापिका के रूप में नियुक्त हुई संध्या द्विवेदी कई बार बुलाने के बाद भी उपस्थित नहीं हुई। बीमारी का बहाना बनाकर छुट्टी लेती रही।


कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय एका में तैनात शिक्षिका संध्या द्विवेदी के उपस्थित न होने पर विभागीय को कुछ घोटाले की आशंका हुई, तो उसके सभी प्रमाण पत्र चेक करवाए गए सत्यापन के दौरान उसकी हाई स्कूल की मार्कशीट तथा इंटर की मार्कशीट में गड़बड़ी मिली, बीएसए डॉक्टर अरविंद पाठक ने बताया कि उन्होंने बैंक से आधार कार्ड निकलवाया तो पता लगा कि आधार कार्ड के आधार पर कई प्रमाण पत्रों में हेराफेरी की गई है। यहां तक कि अध्यापिका संध्या की मूल प्रमाण पत्रों में 1991 दर्ज है bsa कार्यलय मेंडिये आधार कार्ड में जन्म तिथि 1991 है।  लेकिन बैंक में दिये आधार कार्ड में जन्मतिथि 1996 अंकित मिली। इसी तरह से शिक्षिका संध्या द्विवेदी ने अपने अस्थाईआवास का पता आवास विकास कॉलोनी फर्रुखाबाद दर्शाया लेकिन उसने स्थाई पता जनपद मैनपुरी का गांव भैसरोली को दर्शाया था। लेकिन बीएसए ने जब कर्मचारी भेजकर दोनों पते तस्दीक कराये तो पता चला कि वहां पर संध्या द्विवेदी नाम की कोई महिला किराए पर रहती ही नहीं है।


अलीगढ़ के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में सामाजिक विज्ञान की पूर्णकालिक शिक्षिका के रूप में देना संध्या के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई अलीगढ़ बीएसए द्वारा भी 3 दिन पूर्व ही कर दी गई थी। अब इस तरह से एक की शिक्षिका द्वारा तीन अलग-अलग जनपदों में सरकारी संविदा पर नौकरी करने से शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लगा दिए हैं।


डॉक्टर अरविंद पाठक, बेसिक शिक्षा अधिकारी फ़िरोज़ाबाद ने कहा कि निदेशक सर के आदेश के क्रम में सारे कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय के प्रमाण पत्रों का वेरिफिकेशन कराया जा रहा है इस दौरान यह शिक्षिका वेरिफिकेशन कराने नहीं आई तो हमने उसके सारे प्रमाणपत्र वेरीफाई किए वह सही थे।

 ना आने के कारण जब शक हुआ तो तो उसका बैंक से हमने आधार कार्ड निकलवाया तो उसमें जो आधार कार्ड हमारे यहां दिया था और जो बैंक में आधार कार्ड था उसमें जन्मतिथि का फर्क था हमारे यहां के आधार कार्ड में उसकी डेट ऑफ बर्थ 1991 थी और बैंक के आधार कार्ड में 1996 थी इसने अपना लोकल पता फर्रुखाबाद का दिया था। फर्रुखाबाद बीएसए से जब बात की तो पता चला कि कि यह कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में यह वार्डन है कार्य कर रही है। वहां से भी हमने जब डाक्यूमेंट्स मंगाए तो देखा कि उसमें भी डेट ऑफ बर्थ चेंज करके डाक्यूमेंट्स लगाए हुए थे।और वहां नौकरी कर रही थी। हम डेली अटेंडेंस में रेगुलर फोटोग्राफ लेते है। लेकिन हमारे यहां जब वह छुट्टी लेकर रहती थी तो वहां जॉइनिंग कर देती थी। वहां पर उसने फर्जी डाक्यूमेंट्स लगाए थे। हमने दोनों जगह के डॉक्यूमेंट निकालें उसको संविदा समाप्त कर दी गई है और f.i.r. के आदेश दे दिए हैं।

अंजना यादव, वार्डन , कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय एका फिरोजाबाद ने कहा कि संध्या द्विवेदी हमारे यहां टीचर का कार्य करने आई थी यह 32 दिन इन्होंने जॉब किया उसके बाद यह मेटरनिटी लीव पर चली गई फिर नहीं आई






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