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मामोर में चल रहे खनन को लेकर किसानों को बाढ का खतरा

शामली...... प्रशासन द्वारा छोड़े गए वैद्य पट्टे की आड़ में नियमों को ताक पर रखकर दिन-रात अवैध रेत खनन किया जा रहा है। जिसमें भारी भरकम मशीनो...

शामली......



प्रशासन द्वारा छोड़े गए वैद्य पट्टे की आड़ में नियमों को ताक पर रखकर दिन-रात अवैध रेत खनन किया जा रहा है। जिसमें भारी भरकम मशीनों से यमुना के बीच से रेत निकाला जा रहा है। वहीं अवैध रेत खनन होने से यमुना किनारो पर मौजूद किसानों की जमीनों में कटान व गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। कैराना तहसील के गांव मामोर में जिला प्रशासन द्वारा 5 साल के लिए रेत खनन का आवंटित किया गया था। रेत खनन के पट्टे पर एनजीटी की गाइडलाइन व खनन नीति के तहत रेत खनन किया जाना था। लेकिन खनन ठेकेदार वैध पट्टे की आड़ में दिन-रात अवैध रेत खनन करने में जुटे हुए हैं। शामली जिला अधिकारी जसजीत कौर ने एक दिन पूर्व तहसील के गांव बल्हैडा में अवैध रेत खनन का भंडाफोड़ किया था। लेकिन स्थानीय प्रशासन व सत्ताधारी नेताओं के गठजोड़ के कारण रविवार को मामोर में खनन ठेकेदार भारी भरकम पोकलेन मशीनों से यमुना के बीच से रेत निकलवा रहे हैं। पोकलेन मशीनों से यमुना के बीच से कई कई फिट तक रेत निकाल कर गहरे कुंड बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा मशीनों से यमुना के पानी को रोकने के लिए रेत की आड़ लगाई जा रही है, जबकि यमुना की जलधारा को रोका नहीं जा सकता। लेकिन खनन ठेकेदार प्रशासन के आदेशों को अनदेखा कर दिन रात अवैध खनन करने में जुटे हुए हैं। गुलजार नामक किसान ने बताया कि उसने यमुना किनारे तरबूज व खरबूजे की प्लेज लगा रखी है। वह अपनी प्लेज पर दिन-रात रहता है। प्रशासन द्वारा मामोर में छोड़े गए रेत खनन के पट्टे पर रात में भी खनन होता है। किसान ने कहा कि प्रशासन द्वारा रात में चल रहे खनन को बंद कराना चाहिए। वरना बरसात के दिनों में उनकी जमीनो में कटान हो सकता है। वहीं मामले में उप जिलाधिकारी देवेंद्र सिंह का कहना है कि वैद्य पट्टे पर चल रहे खनन की जांच कराई जाएगी। अगर अवैध खनन मिला तो विधिक कार्यवाही की जाएंगी।

रिपोर्टर:- दीपक कुमार




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