Page Nav

HIDE

Grid

GRID_STYLE

Classic Header

{fbt_classic_header}

Breaking News

latest

शिक्षा विभाग में एक और फर्जीवाड़े के खुलासे से मचा हड़कंप।

 शिक्षा विभाग जो एक पवित्र एवं सम्मानित विभाग माना जाता था ऐसे में लगातार अब इस विभाग में फ्रॉड और जालसाजी का कारनामा देखने को मिल र...






 शिक्षा विभाग जो एक पवित्र एवं सम्मानित विभाग माना जाता था ऐसे में लगातार अब इस विभाग में फ्रॉड और जालसाजी का कारनामा देखने को मिल रहा है धीरे-धीरे लोगों की नजरों से उतरता जा रहा है जहां पर अभी एक शिक्षिका 25 और जनपद में तैनात होने का मामला पूरी तरह खत्म नहीं हुआ था कि दूसरा मामला सामने आ गया पूरे प्रदेश में एक साथ 192 ऐसे शिक्षक पाए गए हैं जो फर्जी तरीके से पैन कार्ड लगाकर वेतन आहरित कर रहे थे ऐसे में अमेठी जनपद में भी 2 शिक्षक जांच के दायरे में आए हैं जिनका तत्काल प्रभाव से बेसिक शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार मिश्र द्वारा वेतन आहरण पर रोक लगा दी गई है और 3 सदस्य टीम गठित कर जांच की जा रही है इसी के साथ दोनों जनपदों के बीएसए को पत्र भी लिख कर डिटेल मांगा गया है आपको बता दें कि अमेठी जनपद के तिलोई तहसील में स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय रमई में तैनात सहायक अध्यापक रमेश कुमार यादव की नियुक्ति वर्ष 2005 में हुई थी उस समय तिलोई तहसील रायबरेली जनपद के अंतर्गत आता था उसके बाद से संबंधित शिक्षक द्वारा बराबर वेतन लिया जा रहा था अभी जांच में खुलासा हुआ है कि रमेश कुमार यादव ने जो पैन कार्ड लगाया है वही पैन नंबर गोंडा में तैनात एक शिक्षक का है अब इन दोनों शिक्षकों में से कोई एक तो फर्जी है जिसका खुलासा जांच के बाद किया जा सकेगा इसी के साथ जनपद के संग्रामपुर ब्लाक अंतर्गत बड़ा नवादा उच्च प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाने वाले सहायक अध्यापक प्रवीण कुमार यादव काफी पैन कार्ड वाराणसी जनपद में कार्यरत एक अध्यापक के पैन नंबर से सामान मिला है इस सहायक अध्यापक की नियुक्ति वर्ष 2009 में हुई थी तब से यह भी इसी जनपद के विद्यालय में कार्यरत है उस समय यह विद्यालय जनपद सुल्तानपुर के अंतर्गत आता था बाद में अमेठी जनपद का सृजन हुआ है उक्त दोनों सहायक अध्यापकों को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार मिश्र द्वारा नोटिस देते हुए अपने मूल कागजातों के साथ उपस्थित होकर सत्यापन कराने के लिए निर्देशित किया गया है इसी के साथ खंड शिक्षा अधिकारी अमेठी गौरीगंज एवं तिलोई को 3 सदस्य जांच कमेटी के रूप में उक्त प्रकरण की जांच हेतु लगाया गया है जब तक जाग प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाएगी दूध का दूध पानी का पानी नहीं हो जाएगा तब तक इन दोनों अध्यापकों का वेतन तत्काल प्रभाव से बीएसए के द्वारा रोक दिया गया है। वहीं पर इस मामले में जब भी ऐसे अमेठी विनोद कुमार मिश्र से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने टेलीफोन पर पूरी बात तो बताई पर कैमरे के सामने आने से साफ तौर पर मना कर दिया उनका कहना है कि इसमें कौन सही है और कौन फर्जी यह तो जांच के बाद ही पता चल पाएगा तभी हम कुछ कह सकने की स्थिति में होंगे।




No comments