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उत्तर प्रदेश सरकार के मिनी लॉकडाउन पर लोगों की प्रतिक्रिया।

 उत्तर प्रदेश में कोरोनावायरस के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। जिसको देखते हुए प्रदेश सरकार ने 55 घंटे का लॉकडाउन किया था। जिसकी सफलता क...







 उत्तर प्रदेश में कोरोनावायरस के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। जिसको देखते हुए प्रदेश सरकार ने 55 घंटे का लॉकडाउन किया था। जिसकी सफलता के बाद आज सरकार ने इसी तरह का लॉकडाउन प्रत्येक सप्ताह के वीकेंड में शनिवार और रविवार को लागू करने का फैसला लिया है। जिसमें अब हफ्ते में 2 दिन सभी दफ्तर बाजार बंद रहेंगे इस तरह कामकाज के लिए सिर्फ 5 दिन ही मिलेंगे। इससे सरकार को कितनी सफलता मिलेगी इस बात पर जब हमारे अमेठी संवाददाता ने व्यापारी तथा आम लोगों से जानने की कोशिश की तो उन की प्रक्रिया कुछ इस प्रकार रही ।

 उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल अमेठी जिलाध्यक्ष हरिशंकर जायसवाल ने बताया कि केंद्र तथा राज्य सरकार द्वारा जारी सभी दिशा निर्देशों को व्यापारी वर्ग के द्वारा समय समय पर पूरी तरह पालन किया गया और आगे भी पालन किया जाता रहेगा। क्योंकि कोरोनावायरस से सभी को बचना है। चाहे वह आम जनमानस को अथवा व्यापारी। सबसे बड़ी बात है जान है तो जहान है। लेकिन इसी के साथ सरकार को भी व्यापारियों के विषय में कुछ सोचना पड़ेगा क्योंकि पिछले 3 महीनों से लगातार व्यापारियों की दुकानें बंद रही। ऐसे में व्यापारियों का जो कमर्शियल बिजली का बिल है। वह अनावश्यक रूप से बढ़ता रहा है। सरकार को व्यापारियों के अप्रैल मई-जून के बिजली बिल को माफ करना चाहिए ।इसी के साथ जो व्यापारी ओ डी और सीसी लोन लिए हैं वह लोन लेकर 20 मार्च को सामान ले आए बीच में उनका सामान खराब भी हो गया। ऐसे में उनके लोन का ब्याज माफ किया जाए । जिससे व्यापारी थोड़ी सी राहत महसूस कर सकें।


 वहीं पर राहुल लोहिया ने बताया कि लॉकडाउन को सरकार संक्रमण रोकने के लिए कर रही है यह अच्छा कार्य है लेकिन आम जनमानस को कहीं ना कहीं समस्या का सामना करना पड़ रहा है कुछ ऐसी चीजें होती है जो आवश्यक वस्तुओं से भी आवश्यक हो जाती है अगर हम व्यापारी की बात करते हैं तो हफ्ते में 2 दिन के लाभ डाउन जो हो रहा है इससे व्यापारियों का निश्चित रूप से नुकसान होगा वह व्यापारी जो पूर्व में त्याग कर चुका है वह नए मोड़ पर फिर से टाइप करने के लिए मजबूर है जान है तो जहान है की प्रक्रिया में उसको कहीं न कहीं सरकार के निर्देशों का पालन किया है और करते आ रहा है तथा आगे भी  करेगा जब भी लाख डाउन हो लोगों को बिल्कुल रोड पर नहीं आना चाहिए वह अपने घरों में रहे उनको उससे बचाव के लिए सुझाव देना चाहिए और जागरूक करना चाहिए सरकार भी चाहती है कि लोग बच्चे यह आम जनमानस के लिए यह डाउन उचित है यह छुआछूत की बीमारी है जो एक व्यक्ति को हो गई तो सभी को हो जाती है सरकार का निर्णय ठीक है और हम सब को उसका पालन करना चाहिए।



 वहीं पर युवा छात्र आनंद शुक्ला ने बताया कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण में यह लॉकडाउन जरूरी था। विद्यालय , शिक्षण और प्रशिक्षण संस्थाएं सभी बंद चल रही है । ऑनलाइन क्लासेज के लिए दबाव बनाया जा रहा है  और ऑनलाइन क्लासेज को भी रोकना चाहिए क्योंकि जितने भी विद्यार्थी हैं वह ऑनलाइन क्लासेज का लाभ नहीं ले पा रहे हैं।




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