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कक्षा 8 के नाबालिक छात्रों को बनाया मनरेगा मजदूर अधिकारी कुंभकरण की नींद में ना जॉब कार्ड और ना ही अकाउंट फिर मनरेगा का पैसा किस के अकाउंट में

मनरेगा योजना में अधिकारियों की देखने को मिली बड़ी लापरवाही स्कूली नाबालिक छात्रों से मुजफ्फरनगर के अंदर करवाया जा रहा है मनरेगा में क...





मनरेगा योजना में अधिकारियों की देखने को मिली बड़ी लापरवाही स्कूली नाबालिक छात्रों से मुजफ्फरनगर के अंदर करवाया जा रहा है मनरेगा में कार्य है न तो कोई जॉब कार्ड और ना ही कोई अकाउंट आखिर मनरेगा का पैसा किस के खाते में



महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा / MNREGA) भारत में लागू एक रोजगार गारंटी योजना है, जिसे 7th सप्टेंबर 2005 को विधान द्वारा अधिनियमित किया गया। जिसमें गरीब परिवारों को रोजगार दिया जाता है मगर जनपद मुजफ्फरनगर के अधिकारी इस तरह नींद में चूर है की नाबालिग स्कूली छात्रों को ही बना दिया मनरेगा मजदूर जी हां हम बात कर रहे हैं उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर की जहां आए दिन मामले सामने आते रहते हैं जहां कक्षा 8 से लेकर कक्षा 10 के नाबालिक छात्रों के हाथों में फावड़ा देकर मनरेगा का मजदूर बना दिया है हद तो तब हो जाती है जब मुजफ्फरनगर सिंचाई विभाग का एक कर्मचारी मौके पर खुद खड़ा होकर कक्षा 8 के नाबालिग छात्रों के हाथों में फावड़ा देकर उनसे कार्य करवा रहा है और यह नाबालिग छात्र एक नहीं दो नहीं तीन नहीं पूरे 17 दिन से लगा हुआ है मनरेगा कार्य पर मगर संबंधित अधिकारी कुंभकरण की नींद में नहीं दे रहे हैं कोई इस ओर ध्यान आखिर जब इन नाबालिक बच्चों के अकाउंट नहीं जॉब कार्ड नहीं तो फिर मनरेगा की मेहनत का पैसा किस के अकाउंट में यदि संबंधित डिपार्टमेंट इसकी गहनता से करें जांच तो हो सकता है मनरेगा में कोई धांधली से लेकर बड़ा खुलासा संबंधित अधिकारी इन सभी मामलों को लेकर कोई भी टिप्पणी देने से परहेज कर रहे हैं




ब्यूरो रिपोर्ट संजय कुमार मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश




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