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खाद्य प्रसस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा आत्म निर्भर भारत के अंतर्गत असंगठित क्षेत्र की ईकाइयों की समस्याओं के समाधान को प्रधानमंत्री सूक्ष्य खाद्य उद्योग उन्नयन योजना प्रारम्भ, उक्त योजनान्तर्गत देश में सूक्ष्म उद्योग होगें लाभान्वित तथा उनमें कार्यरत कुशल एवं अर्धकुशल कार्मिकों को मिलेगा रोजगार-

  जिलाधिकारी  शकुन्तला गौतम अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आत्म निर्भर भारत अभियान के अन्तर्गत प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन...

 


जिलाधिकारी  शकुन्तला गौतम अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आत्म निर्भर भारत अभियान के अन्तर्गत प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) के संचालन हेतु जिला स्तरीय समिति की बैठक की और आवश्यक दिशा निर्देश दिए

बैठक में उन्होंने उद्योग एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों को  निर्देशित किया कि उक्त योजना की जानकारी किसानों को दी जाए, ताकि वे इससे लाभ अर्जित कर सकें। उन्होंने कहा कि खाद्य प्रसस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा आत्म निर्भर भारत के अंतर्गत असंगठित क्षेत्र की ईकाइयों की समस्याओं के समाधान को प्रधानमंत्री सूक्ष्य खाद्य उद्योग उन्नयन योजना प्रारम्भ की गई है। उक्त योजनान्तर्गत देश में सूक्ष्म उद्यमों को लाभान्वित कर उनमें कार्यरत कुशल एवं अर्धकुशल कार्मिकों को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। 

  उन्होंने बताया इस योजना के तहत प्रदेश के 37805 सूक्ष्म उद्योगों को लाभान्वित कर लगभग 01 लाख 70 हजार 123 कुशल व अर्ध कुशल कामगारों को रोजगार प्राप्त होगा। उन्होंने बताया कि सूक्ष्य उद्यमियों की क्षमता में वृद्धि करने के लिये जीएसटी, एफएफएसआई मानकों के लिये पंजीगत निवेश के लिए सहायता देना है तथा कुशल प्रशिक्षण एवं तकनीकी जानकारी प्रदान कराना योजना का मुख्य उद्देश्य है। इसके अलावा बैंक ऋण प्राप्त करने को डीपीआर तैयार करने के लिए हैण्ड होल्डिंग सहायता प्रदान करना तथा पूंजी निवेश ब्रान्डिग एवं विपणन सहायता के लिये कृषक उत्पादन संगठनों एवं स्वंय सहायता समूहों तथा सहकारी समितियों को सहायता प्रदान योजना के अहम उद्देश्यों में शामिल है।

जिलाधिकारी शकुन्तला गौतम ने बताया कि यह योजना वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक पांच वर्षो के लिये लागू की गई है। योजनान्तर्गत पूर्व से स्थापित वह इकाईयां पात्र होगी, जिनमें 10 से कम कार्मिक न्यूनतम कक्षा आठ उत्तीर्ण हो। उन्होंने बताया कि उद्यमी परियोजना लागत के 35 प्रतिशत पर क्रेडिट लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी का लाभ उठा सकते है, जिसकी अधिकतम लागत 10 लाख रूपये है। स्व्यं सहायता समूह एवं को-आपरेटिव को 35 प्रतिशत क्रेडिट लिंक्ड अनुदान प्रदान किया जायेगा। इन संगठनों को सहायता उनकी तरफ से तैयार की गयी डीपीआर और राज्य नोडल एजेन्सी के अनुमोदन के आधार पर ब्राडिंग एवं मार्केटिंग के लिए सहायता दी जायेगी। 


इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी हुबलाल, उद्यान उपनिदेशक पंकज ,जिला उद्यान अधिकारी दिनेश कुमार ,उद्यान निरीक्षक सर्वेश चंद आदि उपस्थित रहे।




रिपोर्ट वीरेंद्र तोमर बागपत






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