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बलिया के वरिष्ठ पत्रकार रतन सिंह हत्या के विरोध में समाजवादी पार्टी ने मौन जुलूस निकाल कर सरकार से की मांग।

REPORT - DILEEP YADAV कोरोनावायरस के फैली महामारी के मध्य जिस तरह से स्वास्थ्य कर्मी पुलिसकर्मी और सफाई कर्मी कोरोनावायरस के रूप मे...




REPORT - DILEEP YADAV


कोरोनावायरस के फैली महामारी के मध्य जिस तरह से स्वास्थ्य कर्मी पुलिसकर्मी और सफाई कर्मी कोरोनावायरस के रूप में लड़ते नजर आए ठीक उसी प्रकार देश का चौथा स्तंभ माना जाने वाला मीडिया कर्मी भी अपनी जान की परवाह न करते हुए लोगों आवाज को सरकार तक पहुंचाने का काम किया और लगातार कर रहा है लेकिन दुख की बात यह है कि इन पत्रकारों का ख्याल किसी को भी नहीं है वह सरकार चाहे जिसकी हो सरकार के द्वारा इन को किसी भी प्रकार की सुविधा प्रदान की जाती है जैसे हर किसी के दोस्त और दुश्मन होते हैं वैसे पत्रकार के भी दोस्त और दुश्मन होते हैं इसमें कोई दो राय नहीं है लेकिन पत्रकारिता ऐसी चीज है जिसमें पत्रकारों के दुश्मनों की संख्या में तेजी से इजाफा हो जाता है वह हर पल शासन-प्रशासन सिस्टम और समाज से लड़ता रहता है इसके बावजूद उसके खाते में कुछ नहीं आता है इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए अमेठी जनपद के समाजवादी पार्टी की जिला महिला महासचिव गुंजन सिंह के द्वारा अभी हाल में ही बलिया जनपद के वरिष्ठ पत्रकार रतन सिंह की हत्या के विरोध में कैंडल मार्च निकाला गया यह कैंडल मार्च अंबेडकर तिराहे से शुरू होकर अमेठी के गांधी चौक पर खत्म हुआ। लॉक डाउन की गाइडलाइन तथा सामाजिक दूरी का पालन करते हुए महात्मा गांधी जी की समाधि पर पहुंच कर मनवा शांति जरूर खत्म करने के बाद मीडिया से बात करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लिया। जिला महिला महासचिव ने कहा कि पत्रकार हमारा देश का चौथा स्तंभ है। योगी की सरकार में पत्रकार ही असुरक्षित है उसकी हत्या हो जा रही है। उत्तर प्रदेश अब अपराध प्रदेश बन चुका है। इस को सुरक्षित रखना सरकार और शासन-प्रशासन सब का कर्तव्य है इसलिए सरकार को चाहिए कि पत्रकारों की सुरक्षा के लिए सामूहिक बीमा की व्यवस्था की जाए इसी के साथ पत्रकारों को शस्त्र लाइसेंस भी प्रदान किए जाए जिससे वह खुद भी अपनी सुरक्षा कर सकें।







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