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शहीद की अंतिम यात्रा

Report : आशीष पान्डेय मीरजापुर के अमर शहीद परमवीर रवि सिंह की अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा । करीब पांच किलोमीटर लंबा लगा काफिला...



Report : आशीष पान्डेय

मीरजापुर के अमर शहीद परमवीर रवि सिंह की अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा । करीब पांच किलोमीटर लंबा लगा काफिला लगा रहा । पुष्पवर्षा कर नम आंखों से लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित किया । सेना के जवानों ने अंतिम सलामी दी । भारत माता की जय लोगों को गौरवान्वित कर रहा था तो दोखी पड़ोसी पाकिस्तान के लिए मुर्दाबाद का नारा गूंज रहा था । शहीद के पिता संजय सिंह ने अपने इकलौते बेटे को मुखाग्नि दी । एक रिपोर्ट

कश्मीर के बारामूला में आतंकी हमले में शहीद हुए परमवीर रवि सिंह का पार्थिव शरीर उनके गृह जनपद में आया तो श्रद्धांजलि देने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी । करीब पांच किलोमीटर के लंबे काफिला के साथ अमर शहीद ने गांव गौरा में प्रवेश किया । हांथ में तिरंगा दिल से भारत माता की जय तो दोखी  पड़ोसी पाकिस्तान के लिए मुर्दाबाद का नारा गूंज रहा था । गांव के डगर पर उमड़ी भीड़ के चलते करीब पांच किलोमीटर तक जाम के हालात रहे । गंगा नदी में बाढ़ को देखते हुए तट से कुछ दूर रामलीला मैदान पर अंतिम संस्कार की तैयारी की गई थी ।

तीन दिन से अपने इकलौते बेटे की शहादत की खबर से गमगीन और हर्षित मां बाप का कलेजा बेटे का शव देख कर फट पड़ा । जिसे पाल पोसकर बड़ा किया था । देशभक्ति के जज्बे से लबरेज बेटे ने 18 वर्ष की आयु में ही सेना का जवान बन गया और 25 वर्ष की आयु में ही अपनी जान भारत माता पर कुर्बान करके चला गया । करीब दो साल पूर्व विवाह कर आयी प्रियंका की तो दुनिया ही उजड़ गई । पति का शव देख कर वह विलख पड़ी । परिवार के  करुण क्रंदन से सभी की आंखे नम हो उठी । युवाओं के कलेजे में दोखी पड़ोसी के खिलाफ भड़की आग से पाकिस्तान मुर्दाबाद गूंज उठा । देश के लिए जान कुर्बान करने की हसरत लिए लोगों ने भारत माता की जय बोल कर हम भी तैयार हैं की आवाज बुलन्द किया । प्रदेश के मंत्री ने कहा कि गांव का विकास और परिवार की मदद पर कार्य किया जा रहा है -


शहीद परमवीर के अंतिम यात्रा में लाखों की उमड़ी भीड़ के चलते गौरा गांव जाने वाली डगर छोटी पड़ गई । जो लोग भीड़ को देखते हुए उनके घर तक नहीं पहुंच पाए उन्होंने जहा तक जाने का मौका मिला वहीं पर गौरा की पावन धरती को नमन कर लौट गए । घर पर मचे कोहराम और जब तक सूरज चांद रहेगा, रवि सिंह का नाम रहेगा और रवि सिंह अमर रहें के नारे लग रहे थे । उमड़ी भीड़ गौरा के लाल से देश के लाल बने रवि को श्रद्धांजलि देने के लिए बेताब रही । अमर शहीद के अंतिम संस्कार स्थल के साथ ही गांव के डगर भी छोटे पड़ गए । जिलाधिकारी ने बताया कि परिवार की आर्थिक मदद कर दी गई है । परिवार के एक सदस्य को नौकरी और अन्य शेष कार्यों को कराया जायेगा -


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