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जिला अस्पताल में मानवता को शर्मसार करने वाली तस्वीर आयी सामने ,दिव्यांग बुजुर्ग मरीज ने घसीटा मारकर कराया ईलाज ,नही मिला मरीज को ट्राइसाइकिल-देवरिया।

  लोकेशन - देवरिया रिपोर्ट - रामाश्रय त्रिपाठी  -  एंकर- सूबे में भाजपा की योगी आदित्यनाथ की सरकार जहाँ एक ओर विभिन्न योजनाओं के माध्यम से च...

 


लोकेशन - देवरिया

रिपोर्ट - रामाश्रय त्रिपाठी




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एंकर- सूबे में भाजपा की योगी आदित्यनाथ की सरकार जहाँ एक ओर विभिन्न योजनाओं के माध्यम से चिकित्सा व्यवस्था को हाईटेक कर रही है । वहीं दूसरी ओर जनपद के बाबू मोहन सिंह जिला अस्पताल में अधिकांश बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। दिव्यांगों को इलाज हेतु यहाँ न तो स्ट्रेचर मुहैया कराया जाता है न ही ट्राई साइकिल जिसका जीता जागता उदाहरण है पीड़ित मरीज हरीश चंद्र। जिसने इलाज के लिए घसीटा मारकर अपना इलाज कराया परंतु अस्पताल प्रशासन को थोड़ी भी शर्म नहीं आयी और तो और इस बूढ़े मरीज से पेशाब की नली लगाने के नाम पर अस्पताल स्टाफ द्वारा दो सौ रुपये भी वसूल लिए गए। इसको लेकर एक बार फिर बाबू मोहन सिंह जिला अस्पताल सुर्खियों में है और यहाँ मानवता एक बार फिर कलंकित हुई है। जिला अस्पताल में इलाज कराने आये बुजुर्ग दिव्यांग मरीज हरिश्चंद्र को जिला अस्पताल के कर्मियों द्वारा न तो स्ट्रेचर ऊपलब्ध कराया गया न ही ट्राई साइकिल। यदि मरीज को ट्राई साइकिल उपलब्ध करा दिया गया होता तो मरीज को जमीन पर घसीटा मारकर चिकिसक से अपना इलाज करवाना नहीं पड़ता और पैथोलॉजिकल जांच के लिए उसे इधर उधर मारे मारे नहीं फिरना पड़ता। इस मामले में जिला अस्पताल प्रशासन के कार्यप्रणाली पर उंगली उठनी लाजिमी है।                         

बताया जाता है बाबू मोहन सिंह जिला अस्पताल की इमरजेंसी में पेशाब की नली लगवाने आये दिव्यांग बुजुर्ग मरीज को वहाँ के स्टाफ ने पेशाब की नली लगा कर कहा कि आप ओपीडी में डॉक्टर से दिखा लो। मरीज ओपीडी में पहुँच कर डॉक्टर से दिखाया । मरीज को डॉक्टर ने देखकर कहा कि आप ब्लड जाँच करा लें। मरीज नली लगाये फर्स पर घसीट-घसीट कर जाँच केंद्र ढूढ रहा था ।

वहीं दिव्यांग मरीज हरीश चंद्र ने बताया कि मैं रुद्रपुर तहसील के माहीगंज गाँव से जिला अस्पताल में इलाज कराने आया हूं। व जिला अस्पताल के इमरजेंसी में सुबह  इलाज के लिये पहुँचा। मेरे बाथरूम से ब्लड आ रहा था। वहाँ के स्टाफ द्वारा हमसे 400 रुपये पेशाब की नली लगाने के नाम पर मागा गया लेकिन मैंने 200 रुपये दिये उसके बाद मैं ओपीडी में डॉ से दिखाने आया हूँ। डॉक्टर ने जाँच और दवा लिखा है उसी को लेने जा रहा हूँ, मेरे साथ कोई नही है मैं अकेला ही यहाँ आया हूँ। 

वही चिकित्सक ने बताया कि हमारे यहाँ इलाज कराने आये थे मैने जाँच लिखा है वह पैर से दिव्यांग भी हैं।

इस सम्बंध में सीएमएस डॉ. वर्मा ने बताया कि यह प्रकरण मेरे संज्ञान में आया है इसकी जाँच करायी जा रही है,कार्यवाही होगी।  




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